NEET UG 2026: Reserved Paper Set भी लीक? परीक्षा सुरक्षा पर गंभीर सवाल

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में यह बात सामने आ रही है कि केवल मुख्य प्रश्नपत्र ही नहीं, बल्कि NTA का reserved paper set भी कथित रूप से लीक हुआ था।

यह खुलासा बेहद गंभीर है, क्योंकि reserved paper set किसी भी राष्ट्रीय परीक्षा की अंतिम सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है।

Reserved Paper Set क्या होता है?

Reserved paper set एक अलग और स्वतंत्र प्रश्नपत्र होता है, जिसे मुख्य प्रश्नपत्र के साथ ही तैयार किया जाता है।

इसका उपयोग केवल आपात स्थिति में किया जाता है, जैसे:

  • मुख्य प्रश्नपत्र लीक हो जाए
  • पेपर वितरण में गड़बड़ी हो
  • लॉजिस्टिक समस्या आ जाए
  • किसी केंद्र पर पेपर खराब या गलत पहुंच जाए

यानी reserved set परीक्षा व्यवस्था का backup security shield होता है।

फिर यह कैसे लीक हुआ?

CBI जांच के अनुसार, लीक परीक्षा केंद्र या वितरण स्तर पर नहीं, बल्कि कथित रूप से पेपर सेटिंग समिति के अंदर से हुआ।

अगर पेपर तैयार करने वाले स्तर से ही प्रश्न बाहर चले गए, तो इसका मतलब है कि मुख्य पेपर और backup paper दोनों की गोपनीयता टूट गई।

रिपोर्टों के अनुसार, दो तरह की सामग्री बाहर आई:

  • एक handwritten set
  • एक typed question set

इन्हीं के माध्यम से प्रश्न आगे छात्रों और बिचौलियों तक पहुंचे होने का आरोप है।

किन लोगों पर आरोप?

CBI ने इस मामले में NTA पैनल से जुड़े दो विशेषज्ञों को गिरफ्तार किया है:

  • पी.वी. कुलकर्णी — सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्राध्यापक
  • मनीषा गुरुनाथ मंधारे — वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका

आरोप है कि इन्हें प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी पहुंच थी और इसी access का दुरुपयोग किया गया।

मामला इतना गंभीर क्यों है?

यह कोई सामान्य पेपर लीक नहीं है।

अगर reserved paper set भी लीक हुआ है, तो यह परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी विफलता मानी जाएगी।

क्योंकि:

  • मुख्य पेपर सुरक्षित नहीं रहा
  • backup paper भी सुरक्षित नहीं रहा
  • पेपर सेटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठा
  • अंदरूनी लोगों की भूमिका संदिग्ध हुई
  • 22 लाख से अधिक छात्रों का भरोसा टूट गया

ऐसी स्थिति में क्या होता है?

जब मुख्य और reserved दोनों question sets पर संदेह हो जाए, तो परीक्षा को वैध बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।

ऐसी स्थिति में आमतौर पर:

  • परीक्षा रद्द की जाती है
  • fresh question paper तैयार किया जाता है
  • नई सुरक्षा प्रणाली लागू की जाती है
  • जांच एजेंसी source leak तक पहुंचती है
  • दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई होती है

निष्कर्ष

NEET UG 2026 मामला अब केवल पेपर लीक नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की जड़ तक पहुंची हुई सुरक्षा चूक का मामला बन चुका है।

अगर पेपर सेटिंग समिति के अंदर से leak साबित होता है, तो यह केवल NTA के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्रीय परीक्षा ढांचे के लिए चेतावनी है।

छात्रों के लिए सबसे जरूरी बात यही है:

अफवाहों से दूर रहें, आधिकारिक अपडेट देखें और 21 जून की री-एग्जाम तैयारी पर पूरा ध्यान दें।

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच NTA में नई नियुक्तियां

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने NTA में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशक नियुक्त किए हैं।

यह नियुक्तियां ऐसे समय में की गई हैं जब NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य री-एग्जाम को अधिक सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराना है।

NTA को मजबूत करने की कोशिश

NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद NTA की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और आंतरिक व्यवस्था पर कई सवाल उठे।

सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति को NTA की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और परीक्षा संचालन में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दो संयुक्त सचिव नियुक्त

सरकार ने भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को NTA में संयुक्त सचिव नियुक्त किया है।

इनकी नियुक्ति पांच वर्ष के लिए या अगले आदेश तक, जो पहले हो, की गई है।

दो संयुक्त निदेशक भी नियुक्त

इसके अलावा NTA में दो संयुक्त निदेशक भी नियुक्त किए गए हैं।

आकाश जैन, 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी, को संयुक्त निदेशक बनाया गया है। उनकी नियुक्ति 4 दिसंबर 2029 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

आदित्य राजेंद्र भोजगढिया, 2013 बैच के भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा अधिकारी, को भी संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक या अगले आदेश तक रहेगा।

खाली पदों को अपग्रेड किया गया

जानकारी के अनुसार, उप सचिव / निदेशक स्तर के दो खाली पदों को प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए अपग्रेड किया गया है ताकि इन नियुक्तियों को प्रभावी बनाया जा सके।

राधाकृष्णन समिति की सिफारिश महत्वपूर्ण

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद NTA की आंतरिक संरचना पर पहले भी सवाल उठे थे। के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति ने NTA में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की सिफारिश की थी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही लाई जा सके।

दिसंबर 2025 में एक संसदीय समिति ने भी NTA को आंतरिक रूप से मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

16 नए पद बनाए गए थे

इन सिफारिशों के बाद सरकार ने NTA में 16 नए पद सृजित किए थे। हालांकि, अब तक केवल कुछ पदों पर ही नियुक्तियां हुई हैं। वर्तमान नियुक्तियों को उसी सुधार प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

निष्कर्ष

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे समय में NTA में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।

अब सबसे बड़ी चुनौती 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम को निष्पक्ष, सुरक्षित और बिना किसी विवाद के संपन्न कराना है। छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब NTA और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।